shayari on eyes | Hindi quotes on eyes 2021

Shayari on eyes – दोस्तो आज हम आप सभी के लिए Shayari on eyes लेकर आए हैं ये शायरीय खूबसूरत आंखो के लिए हैं

ये शायरी आप खास अपनी प्रेमिका ओर पत्नी को भेज सकते हैं उनकी खूबसूरत आंखो के लिए, खूबसूरत सी शायरी जिनको पढ़ कर वो खुश हो जाएंगी

ये latest Shayari on eyes  collection 2021 के बैतरीन शयरियों मे से है आप इसको जरूर पढे ओर share करे

 

Shayari on eyes

 

जो सूरुर है तेरी आँखों में वो बात कहां मैखाने में,
बस तू मिल जाए तो फिर क्या रखा है ज़माने में।

 

एक नजर देख ले हमे जीने की इजाजत दे दे,
ए रुठने वाले… वो पहली सी मोहब्बत दे दे।

 

वो बोलते रहे… हम सुनते रहे…
जवाब आँखों में था वो जुबान में ढूंढते रहे।

 

तेरी निगाह दिल से जिगर तक उतर गयी,
दोनों को ही एकअदा में रजामंद कर गई।

 

मुस्कुरा के देखा तो कलेजे में चुभ गयी,
खँजर से भी तेज़ लगती हैं आँखें जनाब की।

 

देखा है मेरी नजरों ने
एक रंग छलकते पैमाने का,
यूँ खुलती है आंख किसी की
जैसे खुले दर मैखाने का।

 

फर्याद कर रही हैं तरसती हुई निगाहें,
देखे हुए किसी को… बहुत दिन गुज़र गए।

 

इकरार में शब्दों की एहमियत नहीं होती,
दिल के जज़्बात की आवाज़ नहीं होती,
आँखें बयान कर देती है दिल की दास्तान,
मोहब्बत लफ्जों की मोहताज नहीं होती।

 

आँखें नीची हैं तो हया बन गई,
आँखें ऊँची हैं तो दुआ बन गई,
आँखें उठ कर झुकी तो अड़ा बन गई,
आँखें झुक कर उठी तो कदा बन गई।

 

हम भटकते रहे थे अनजान राहों में,
रात दिन काट रहे थे यूँ ही बस आहों में,
अब तमन्ना हुई है फिर से जीने की हमें,
कुछ तो बात है सनम तेरी इन निगाहों में।

 

आँखों से आँखें मिला कर तो देखो,
हमारे दिल से दिल लगा कर तो देखो,
सारे जहान की खुशियाँ तेरे दामन में रख देंगे,
हमारे प्यार पर ज़रा ऐतबार करके तो देखो।

 

आँखों में हया हो तो
पर्दा दिल का ही काफी है,
नहीं तो नक़ाब से भी होते हैं,
इशारे मोहब्बत के।

 

मेरी निगाह-इ-शौक़ भी कुछ कम नहीं मगर,
फिर भी तेरा शबाब तेरा ही शबाब है।

 

shayari on eyes in hindi

 

क्या कहें, क्या क्या किया, तेरी निगाहों ने सुलूक,
दिल में आईं दिल में ठहरीं दिल में पैकाँ हो गईं।

 

तेरी निगाह में, एक रंग-ए-अजनबियत था,
किस ऐतेबार पे हम खुल के गुफ्तुगू करते।

 

कभी तो आसमाँ से चांद उतरे जाम हो जाये,
तुम्हारे नाम की इक ख़ूबसूरत शाम हो जाये,
हमारा दिल सवेरे का सुनहरा जाम हो जाये,
चराग़ों की तरह आँखें जलें जब शाम हो जाये।

 

बहुत खूबसूरत हैं ये आँखें तुम्हारी,
इन्हें बना दो किस्मत हमारी,
हमें नहीं चाहिये ज़माने की खुशियाँ,
अगर मिल जाये मोहब्बत तुम्हारी।

 

ना जाने कौन सा जादू है तेरी बाहों में,
शराब सा नशा है तेरी आँखों में,
तेरी तलाश में तेरे मिलने की आस लिए,
दुआऐं मांगता फिरता हूँ मैं दरगाहों में।

 

आपने नज़र से नज़र जब मिला दी,
हमारी ज़िन्दगी झूमकर मुस्कुरा दी,
जुबां से तो हम कुछ भी न कह सके,
पर आँखों ने दिल की कहानी सुना दी।

 

मदहोश आंखो से वो जब हमें देखते हैं,
हम घबरा के अपनी पलके झुका लेते हैं,
कैसे मिलाए हम उन आँखों से आँखें,
सुना है वो आँखों से अपना बना लेते हैं।

 

निगाहे बोलती हैं जब जुबा खामोश रहती है,
दिलों की धड़कने ही तब दिलों की बात कहती हैं।

 

जब से देखा है तेरी आँखों में झाँककर,
कोई भी आईना अच्छा नहीं लगता,
तेरे इश्क में ऐसे हुए हैं दीवाने हम,
कोई और देखे तुझे तो अच्छा नहीं लगता।

 

कोई आँख जैसे कोहरे में दबी-दबी सी चमके,
तेरी झिलमिलाती आँखों में अजीब सा शमा है।

 

खुलते हैं मुझ पे राज कई इस जहान के,
उसकी हसीन आँखों में जब झाँकता हूँ मैं।

 

जाती है इस झील की गहराई कहाँ तक,
आँखों में तेरी डूब के देखेंगे किसी रोज।

 

romantic shayari on eyes in hindi

 

निगाहों से कत्ल कर दे न हो तकलीफ दोनों को,
तुझे खंजर उठाने की मुझे गर्दन झुकाने की।

 

तेरी आँखों की तौहीन नहीं तो और क्या है यह,
मैंने देखा तेरे चाहने वाले कल शराब पी रहे थे।

 

जाने क्यों डूब जाता हूँ हर बार इन्हें देख कर,
इक दरिया हैं या पूरा समंदर हैं तेरी आँखें।

 

उठती नहीं है आँख किसी और की तरफ,
पाबन्द कर गयी है किसी की नजर मुझे,
ईमान की तो ये है कि ईमान अब कहाँ,
काफ़िर बना गई तेरी काफ़िर-नज़र मुझे।

 

इश्क के फूल खिलते हैं तेरी खूबसूरत आँखों में,
जहाँ देखे तू एक नजर वहाँ खुशबू बिखर जाए।

 

बिना पूछे ही सुलझ जाती हैं सवालों की गुत्थियाँ,
कुछ आँखें इतनी हाज़िर-जवाब होती हैं।

 

जब भी देखूं तो नज़रें चुरा लेती है वो,
मैंने कागज़ पर भी बना के देखी हैं आँखें उसकी।

 

उस घड़ी देखो उनका आलम
नींद से जब हों बोझल आँखें,
कौन मेरी नजर में समाये
देखी हैं मैंने तुम्हारी आँखें।

 

तुम्हीं कहते थे कि यह मसले
नजर मिलने से सुलझेंगे,
नजर की बात है तो फिर
यह लब खामोश रहने दो।

 

एक सी शोखी खुदा ने दी है हुस्नो-इश्क को,
फर्क बस इतना है वो आंखों में है ये दिल में है।

 

लोग कहते हैं जिन्हें नील कंवल वो तो क़तील,
शब को इन झील सी आँखों में खिला करते है।

 

उसकी कुदरत देखता हूँ तेरी आँखें देखकर,
दो पियालों में भरी है कैसे लाखों मन शराब।

 

अदा निगाहों से होता है फर्जे-गोयाई,
जुबां की हद से जब शौके-बयां गुजरता है।

 

अगर कुछ सीखना ही है,
तो आँखों को पढ़ना सीख लो,
​वरना ​लफ़्ज़ों के मतलब तो,
​हजारों निकाल लेते है।

 

अदा से देख लो जाता रहे गिला दिल का,
बस इक निगाह पे ठहरा है फ़ैसला दिल का।

 

shayari on beautiful eyes

 

कभी बैठा के सामने पूछेंगे तेरी आँखों से,
किसने सिखाया है इन्हें हर दिल में उतर जाना।

 

रात बड़ी मुश्किल से खुद को सुलाया है मैंने,
अपनी आँखों को तेरे ख्वाब का लालच देकर।

 

महफिल अजीब है, ना ये मंजर अजीब है,
जो उसने चलाया वो खंजर अजीब है,
ना डूबने देता है, ना उबरने देता है,
उसकी आँखों का वो समंदर अजीब है।

 

मेरे होठों ने हर बात छुपा कर रखी थी,
आँखों को ये हुनर कभी आया ही नहीं।

 

अब तक मेरी यादों से मिटाए नहीं मिटता,
भीगी हुई इक शाम का मंज़र तेरी आँखें।

 

मेरी आँखों में झाँकने से पहले,
जरा सोच लीजिये ऐ हुजूर…
जो हमने पलके झुका ली तो कयामत होगी,
और हमने नजरें मिला ली तो मुहब्बत होगी।

 

तेरी निगाह से ऐसी शराब पी मैंने,
फिर न होश का दावा किया कभी मैंने,
वो और होंगे जिन्हें मौत आ गई होगी,
निगाह-ए-यार से पाई है जिन्दगी मैंने।

 

आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा
वक़्त का क्या है गुजरता है गुजर जाएगा।

 

मैं खुदगर्ज़ हूँ इतना कि बस यही चाहूँ,
रहें हमेशा मेरी मुन्तज़िर तेरी आँखें।

 

नशीली आँखों से वो जब हमें देखते हैं,
हम घबरा कर आँखें झुका लेते हैं,
कौन मिलाये उन आँखों से आँखें,
सुना है वो आँखों से अपना बना लेते हैं।

 

उधर से चाँद तुम देखो…इधर से चाँद हम देखें,
निगाहें यूँ टकरायें की दो दिलों की ईद हो जाये।

 

देखो न आँखें भरकर किसी के तरफ कभी,
तुमको खबर नहीं जो तुम्हारी नजर में हैं।

 

जब भी देखता हूँ मुझसे हरबार नज़रें चुरा लेती है,
मैंने कागज़ पर भी बना के देखी हैं आँखें उसकी।

 

इन रस भरी आंखों में हया खेल रही है,
दो ज़हर के प्यालों में क़ज़ा खेल रही है।

 

होता है राजे-इश्को-मुहब्बत इन्हीं से फाश,
आँखें जुबाँ नहीं है मगर बेजुबाँ नहीं।

 

flirting shayari on eyes

 

ख़ुदा बचाए तेरी मस्त-मस्त आँखों से,
फ़रिश्ता हो तो बहक जाए आदमी क्या है।

 

मुझ से कहती थी वो शराबी आँखे,
आप वो जहर मत पिया कीजिये।

 

प्यार के फूल खिलते हैं तेरी मदहोश आंखों में,
जहां देखे तू एक नजर वहां खुशबू बिखर जाए।

 

शायरी में जो लिखे थे लफ़्ज़ सारे फीके से थे मेरे,
शायरी तो दरअसल… तेरी उन आँखों में थी।

 

तेरी आँखों के जादू से
तू ख़ुद नहीं है वाकिफ़
ये उसे भी जीना सिखा देती हैं
जिसे मरने का शौक़ हो।

 

नकाब तो उनका सिर से लेकर पाँव तक था,
मगर आँखें बता रही थी कि मोहब्बत की शौकीन वो भी थी।

 

तुम्हारी निगाहें बहुत बोलती हैं
जरा अपनी आँखों पे पलकों के परदे गिरा दो।

 

हजारों तीर जमाने के एक तीर-ए-नजर उसका,
अब क्या समझेगा कोई दिल किसका निशाना है?

 

उल्फ़त में कभी यह हाल होता है,
आँखें हस्ती हैं मगर दिल रोता है,
मानते हैं हम जिसे मंज़िल अपनी,
हमसफ़र उसका कोई और होता है।

 

सुकून की तलाश में तुम्हारी आँखों में झाँका था हमने,
किसे पता था कम्बखत दिल का दर्द और मिल जाएगा।

 

मैं ता उम्र जिनको कोई दे न सका जबाब,
वो एक नजर में हजारों सवालात कर गए।

 

ढूंढते क्या हो… आँखों में कहानी मेरी,
खुद में खोये रहना तो आदत है पुरानी मेरी।

 

तू नहीं तो ज़िंदगी में क्या रह जायेगा,
दूर तक तन्हाइयों का सिलसिला रह जायेगा,
आँखें ताज़ा मंज़रों में खो जायेंगी मगर,
दिल पुराने मौसमों को ढूंढ़ता रह जायेगा।

 

हम नही आते इस डर से तेरी चौखट पर मेरे हमदम,
सुना है तेरी जादू भरी आँखों का टोना बडा मशहूर है।

 

किसी ने धूल क्या झोंकी आखों में,
पहले से बेहतर दिखने लगा हमें।

 

शोर न कर धड़कन ज़रा, थम जा कुछ पल के लिए,
बड़ी मुश्किल से मेरी आखों में उसका ख्वाब आया है।

 

Shayari on beautiful eyes in Hindi

 

एक नजर फेर ले जीने की इजाजत दे दे,
रुठने वाले वो पहली सी मोहब्बत दे दे।

 

तेरी सूरत जो भरी रहती है आँखों में सदा,
अजनबी चेहरे भी पहचाने से लगते हैं मुझे।

 

नज़र को नज़र की खबर ना लगे,
कोई अच्छा भी इस कदर ना लगे हमें,
आपको देखा है बस उस नज़र से,
जिस नज़र से आपको नज़र ना लगे।

 

ये कहो, वो कौन सी बात ज़ुबाँ तक आते-आते रूक गयी,
ये बताओ, उस बात की चुप्पी से तुम्हारी नज़रें क्यूँ झुक गयी।

 

ऐ समंदर मैं तुझसे वाकिफ हूँ
मगर इतना बताता हूँ,
वो ऑंखें तुझसे गहरी हैं
जिनका मैं आशिक हूँ।

 

छलके शराब बर्क़ गिरे या जलें चराग़,
ज़िक्र-ए-निगाह-ए-यार का मौसम न आएगा।

 

हमसे अब किसी पर्दे-दारी की उम्मीद न कीजे,
कुछ जुस्तजूएं निगाह तक झुकने नहीं देतीं।

 

सामने ना हो तो तरसती हैं ये आँखें,
बिन तेरे बहुत बरसती हैं ये आँखें,
मेरे लिए ना सही इनके लिए ही आ जाओ,
क्योंकि आपसे बेपनाह प्यार करती हैं ये आँखें।

 

हम उस से थोड़ी दूरी पर हमेशा रुक से जाते हैं,
न जाने उस से मिलने का इरादा कैसा लगता है,
मैं धीरे धीरे उनका दुश्मन-ए-जाँ बनता जाता हूँ,
वो आँखें कितनी क़ातिल हैं वो चेहरा कैसा लगता है।

 

नज़र ने नज़र से मुलाक़ात कर ली,
रहे दोनों खामोश पर बात कर ली,
मोहब्बत की फिजा को जब खुश पाया,
इन आंखों ने रो रो के बरसात कर ली।

 

क़ैद ख़ाने हैं, बिन सलाख़ों के,
कुछ यूँ चर्चे हैं, तुम्हारी आँखों के।

 

प्यार की दास्तां जब भी वक्त दोहरायेगा।
हमे भी एक शख्स बहुत याद आयेगा।
जब उसके साथ बिताये लम्हें याद आयेंगे।
आँखें नम हो जायेगी, दिल आंसू बहायेगा।

 

आँखों की कतारों में पसरी नमी सी है जो हमारी,
आज सब कुछ है ज़िन्दगी में बस तुम्हारी कमी सी है।

 

Shayari on eyes 2021

 

तुम्हारी एक निगाह से कतल होते हैं लोग “फ़राज़”
एक नज़र हम को भी देख लो के तुम बिन ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती।

 

जो उनकी आँखों से बयान होते हैं ,
वो लफ्ज शायरी में कहाँ होते हैं ।

 

नजर से नजर मिली तो दिल मचल गया,
आपके दिल की शमा में दिल पिघल गया,
क्या करें कसूर न हमारा है न दिल का,
जो आपको देखा और धड़कना भूल गया।

 

आँखों पर तेरी निगाहों ने दस्तख़त क्या दिए,
हमने साँसों की वसीयत तुम्हारे नाम कर दी।

 

ये आँखें हैं जो तुम्हारी किसी ग़ज़ल की तरह खुबसूरत हैं,
कोई पढ़ ले इन्हें एक जो दफा तो शायर हो जाए।

 

सोचते ही रहे पूछेंगे तेरी आँखों से ऐ सनम,
किस से सीखा है हुनर दिल में उतर जाने का।

 

आपने नज़र से नज़र जब मिला दी,
हमारी ज़िन्दगी झूम कर मुस्कुरा दी,
जुबान से तो हम कुछ भी न कह सके,
पर आँखों ने दिल की कहानी सुना दी।

 

खुदा जाने मेरे किया वजन है उनकी निगाहों में
सुना है आदमी को एक नजर में तोल लेते हैं।

 

मिली जब उनसे नज़र, बस रहा था एक जहां
हटी निगाह तो चारों तरफ थे वीराने।

 

डूबा हुआ हूँ ना निकल पाऊँगा मैं कभी,
ख़ूबसूरत मुस्कुराहट और आँखों से तेरी।

 

कुछ तुम्हारी निगाह काफिर थी,
कुछ मुझे भी खराब होना था।

 

कभी पैगाम लिया है कभी पैगाम दिया है ,
आँखों ने मोहब्बत में बड़ा काम किया है ।

 

चख के देख ली दुनिया भर की शराब,
जो नशा तेरी आँखों में था वो किसी में नहीं।

 

नशे में डूबे कोई, कोई जिए, कोई मरे,
तीर क्या तेरी आँखों की कमाँ छोड़ती है।

 

नज़र ख़ामोश, ज़ुबान चुप, सदा-ऐ-दिल महरूम,
किसी का ज़िक्र न निकला, तुम्हारी बात के बाद।

 

Shayari on eyes

 

नज़र तुम्हारी कभी जो उठे, हमारी तरफ ,
नज़र अन्दाज़ ही कर लेना, हमें जी भर कर।

 

सौ तीर जमाने के एक तीर-ए-नज़र तेरा,
अब क्या कोई समझेगा दिल किसका निशाना है।

 

आँखें भी मेरी पलकों से सवाल करती हैं,
हर वक्त आपको ही बस याद करती हैं,
जब तक न कर ले दीदार आपका,
तब तक वो आपका इंतजार करती हैं।

 

आ गया है फर्क तुम्हारी नज़रों में यकीनन,
अब एक खास अंदाज़ से नज़रअंदाज़ करते हो।

 

दिल नहीं लगता आपको देखे बिना,
दिल नहीं लागता आपको सोचे बिना,
आँखें भर आती हैं ये सोच कर ,
कि किस हाल में होंगे आप हमारे बिना।

 

आँखों में तेरी डूब जाने को दिल चाहता है!
इश्क में तेरे बर्बाद होने को दिल चाहता है!
कोई संभाले मुझे, बहक रहे है मेरे कदम!
वफ़ा में तेरी मर जाने को दिल चाहता है!

 

परछाई आपकी हमारे दिल में है,
यादे आपकी हमारी आँखों में है,
कैसे भुलाये हम आपको,
प्यार आपका हमारी साँसों में है.

 

अब तो आँसू भी नही आते आँखों में,
हर ज़ख़्म नासूर सा लगता है,
मोहब्बत ऐसे मोड़ पर लाई है के..
अब अपना नाम भी बेगाना सा लगता है।

 

सूख गए फूल पर बहार वही है,
दूर रहते है पर प्यार वही है,
जानते है हम मिल नहीं पा रहे है आपसे,
मगर.. इन आंखो में मोहब्बत का इंतजार वही है

 

आँखों में रहा दिल में उतरकर नहीं देखा,
कश्ती के मुसाफ़िर ने समन्दर नहीं देखा,
पत्थर कहता है मुझे मेरा चाहनेवाला,
मैं मोम हूँ उसने मुझे छूकर नहीं देखा!

 

उदास आँखों में अपनी करार देखा है,
पहली बार उसे बेक़रार देखा है,
जिसे खबर ना होती थी मेरे आने जाने की,
उसकी आँखों में अब इंतज़ार देखा है।

 

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